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RT @Ahmad_Shakeel: जब उत्तर प्रदेश मे मोदी जी का शासन नहीं था तो वह बच्चियों से गुंडों की टोका टोकी पर लम्बा लम्बा भाषण देते थे। मगर आज केवल हाथरस ही नहीं राज्य की कई दर्दनाक घटनाएं जिनमे प्रशासन पर अपराधियों की मदद का आरोप है, मोदी जी बिल्कुल ख़ामोश हैं, एक ट्वीट भी नहीं। अफ़सोसनाक और शर्मनाक। https://t.co/UkoiILKDqN

RT @Ahmad_Shakeel: जब उत्तर प्रदेश मे मोदी जी का शासन नहीं था तो वह बच्चियों से गुंडों की टोका टोकी पर लम्बा लम्बा भाषण देते थे। मगर आज केवल हाथरस ही नहीं राज्य की कई दर्दनाक घटनाएं जिनमे प्रशासन पर अपराधियों की मदद का आरोप है, मोदी जी बिल्कुल ख़ामोश हैं, एक ट्वीट भी नहीं। अफ़सोसनाक और शर्मनाक। https://t.co/UkoiILKDqN

RT @Ahmad_Shakeel: जब उत्तर प्रदेश मे मोदी जी का शासन नहीं था तो वह बच्चियों से गुंडों की टोका टोकी पर लम्बा लम्बा भाषण देते थे। मगर आज केवल हाथरस ही नहीं राज्य की कई दर्दनाक घटनाएं जिनमे प्रशासन पर अपराधियों की मदद का आरोप है, मोदी जी बिल्कुल ख़ामोश हैं, एक ट्वीट भी नहीं। अफ़सोसनाक और शर्मनाक। https://t.co/UkoiILKDqN

RT @Ahmad_Shakeel: जब उत्तर प्रदेश मे मोदी जी का शासन नहीं था तो वह बच्चियों से गुंडों की टोका टोकी पर लम्बा लम्बा भाषण देते थे। मगर आज केवल हाथरस ही नहीं राज्य की कई दर्दनाक घटनाएं जिनमे प्रशासन पर अपराधियों की मदद का आरोप है, मोदी जी बिल्कुल ख़ामोश हैं, एक ट्वीट भी नहीं। अफ़सोसनाक और शर्मनाक। https://t.co/UkoiILKDqN

RT @Ahmad_Shakeel: जब उत्तर प्रदेश मे मोदी जी का शासन नहीं था तो वह बच्चियों से गुंडों की टोका टोकी पर लम्बा लम्बा भाषण देते थे। मगर आज केवल हाथरस ही नहीं राज्य की कई दर्दनाक घटनाएं जिनमे प्रशासन पर अपराधियों की मदद का आरोप है, मोदी जी बिल्कुल ख़ामोश हैं, एक ट्वीट भी नहीं। अफ़सोसनाक और शर्मनाक। https://t.co/UkoiILKDqN

RT @AshrafFem: स्पीकर ने "राहुल जी" के बोलते समय RSS का नाम लेने से टोका जो सदन में उपस्थित नही उनका नाम लेने से बार बार टोका मगर "मोदी जी" ने नेहरू, इंदिरा, सुभाष चंद्र बोस, प्रणब मुखर्जी, मुलायम सिंह, शरद पवार सबके नाम गिना डाले तब मैडम के कान पर जूँ भी नही रेंगी @SheeIaS

RT @KhushiText: मैं चमार दलित हूँ 26 साल के जीवन में हजारों मंदिर गई, मुझे कहीं न रोका गया न टोका गया किसी छोटे गाँव की 1-2 घटना को लेकर दलाल स्टोरी फैलाते है की दलितों को मंदिर नहीं जाने दिया जाता अरे दलालों, मुस्लिम औरतों को मस्जिद में नमाज़ नहीं पढने दी जाती, उसकी चिंता करो, हमारी नहीं !